माइंडफुलनेस मेडिटेशन क्या है ?
हमारे आजकल के आधुनिक जीवन में प्रतिदिन किसी-न-किसी विषय को लेकर मन में तनाव, चिंता और दबाव की
गड़बड़ी के चलते हमारा मन अक्सर व्यस्त रहता हैं। हम अपने वर्तमान क्षण पर धयान नहीं दे पाते है हमेशा भविष्य की चिंताओं या बीते हुए कल में खोए रहते हैं। ऐसी स्थिति में माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक अच्छी तकनीक है जो हमे भूत और भविष्य की चिंताओं, तनाव और दवाब से मन को हटाकर वर्तमान क्षण में केंद्रित करने में हमारी मदद करता है। ध्यान की की यह प्रक्रिया हमारे मन को शांत और स्थिर करती ही।
माइंडफुलनेस मेडिटेशन क्या हैं ?
माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक प्राकृतिक ध्यान की प्रक्रिया हैं इस प्रक्रिया में ध्यान करने वाला व्यक्ति मानषिक प्रषिक्षण का अभ्यास करता है। माइंडफुलनेस मेडिटेशन हमे वर्तमान के साथ जोड़ने और प्रत्येक
क्षण को पूरी तरह से अनुभव करने की क्षमता प्रदान करता हैं।
माइंडफुलनेस मेडिटेशन हजारों साल पुरानी एक प्राचीन बौद्ध ध्यान की प्रक्रिया है जिसका प्रारंभिक मकसद हमारे मन को स्पस्टता और लगनशीलता को साथ वर्तमान की ओर ले जाना हैं। माइंडफुलनेस मेडिटेशन का मुख्य उदेश्य यह है की हम अपने मन की सभी विचारों ,अनुभवों और शारीरिक संवेदना को स्वीकार करते है, चाहे वे विचार या अनुभव सकारात्मक हो या नकारत्मक। हम उन्हें गवाह की भूमिका में देखते है उन्हें बदलने का प्रयास नहीं करते है
माइंडफुलनेस मेडिटेशन के लाभ
मानसिक शांति : माइंडफुलनेस मेडिटेशन हमे अपने मन कि शांति और स्थिरता का अनुभव करता हैं।
स्वास्थ लाभ : माइंडफुलनेस मेडिटेशन हमारे स्वास्थ को सुधारने में मदद करती हैं।
वर्तमान की गहराहई का अनुभव : माइंडफुलनेस मेडिटेशन के माध्यम से हम अपनी वर्तमान को पूरी तरह से अनुभव करने की क्षमता प्राप्त करते हैं।
मस्तिष्क की उम्र को धीमा करता है : माइंडफुलनेस मेडिटेशन से हम अपने मस्तिष्क की उम्र को धीमा कर सकते है और मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ा सकते हैं।
माइंडफुलनेस मेडिटेशन के बहुत फायदे है।
कैसे करे माइंडफुलनेस मेडिटेशन:
सबसे पहले, आप एक सुखासन (योगासन ) में बैठिए। अपने पैरो को समतल रखे और अपनी रीढ़ को सीधा और खरा करे।
अब ,अपनी आखों को बंद करे और गहरी सांस ले। अपने ध्यान को सांस लेने की पूरी प्रक्रिया का अनिभव करने में लगाए महसूस करे की कैसे आपकी नाक से हवा अंदर आ रही है और बहार हैं।
अगले कदम में , ध्यान दें की आपके मन में विचार आ रहे है। ध्यान दे की आप ये विचारों की सिर्फ देख रहे है उनमें उलझ नहीं है। उन्हें ज्यादा ध्यान न दे केवल उन्हें देखे और विचारो को आने और जाने दे।
अब अपने शरीर की सवेदनाओ पर ध्यान दे। ध्यान दे आप अपने शरीर के हर हिस्से की अनुभूति की सवेदनशीलता को महसूस कर रहे हैं।
यह गर्म ,ठंडा होने की अनुभूति , दबाव या किसी की संवेदना हो सकती हैं। उन्हें स्वीकार करे और उन्हें विचार नहीं करें सिर्फ महसूस करें।
अंतिम कदम में , आप आगे बढ़े और ध्यान दे अपने जीवन के पर्यांवरण की अनुभूति कर रहे है। यह आपके आस-पास के वस्तुओ , ध्यान केन्द्र की आवाज या स्पस्टता की अनुभूति हो सकती है। उन्हें देखे और आने और जाने दे उनके बारे में विचार न करें।
माइंडफुलनेस मेडिटेशनआपके मन ,शरीर और आत्मा को संतुलित स्वस्थ बनाने में मदद करता हैं।
मैं उम्मीद करता हूँ आपको यह माइंडफुलनेस मेडिटेशन का आर्टिकल पसंद आएगा।
शांति के लिए ध्यान को अपनाये धन्यवाद।

